न जाने कैसी डोर तुमसे बंध गयी है पिया
तेरे सिवा अब न कोई मुझे भाये पिया।।
बाबा की बिटिया,भैया की बहना,
एक तेरे ख़ातिर आज सब पराई हुई है पिया।।
लाज सदैव रखना मेरे बाबा के भरोसे का पिया
अपने कलेजे के टुकड़े को,
तुमको जो सौंपे है पिया।।
सदैव मान रखना इस सिन्दूर का पिया,
तेरे लिए छोड़ा मैंने मॉ का आँचल पिया।।
गठबंधन हुआ तुमसे दिल का पिया,
तुम सदा मेरा साथ निभाना पिया,।।
हँसकर सब सह लूँगी पिया,
आये कितनी भी गमो की आंधी पिया
दुख सुख जीवन के हिस्से है,
बस हौसला बनकर तुम साथ मेरे रहना पिया।।
तुमसे जन्मो का अब बंधन पिया
तुम आगे चलना मैं तेरे पीछे चलूँगी पिया।।
जब भी लड़खाएँगे तुम्हारे कंदम पिया
मैं तुमको सँभाल लूँगी पिया।।
मैं दिया तुम हो बाती पिया,
बस इतना सा नाता पिया।
