जब सब रिशतों से मिले फुरसत,

तो आके कर देना मेरी पूरी हसरत,

हमने तो तुम्हें आंखों के रस्ते दिल मे उतार लिया,

पर तुमने तो कभी न हमारा हाल लिया,

लगता है मेरी खुशी से ही रिश्ता है तेरा,

पर मेरा तो तेरी रूह से नाता है गहरा,

दिन, महीने ,साल भी गुजरे,

फिर भी बेठे है इंतजार मे अब तक तेरे ,

काश हाथों की लकीरों को बदल पाते,

तो अपनी तकदीर तेरे साथ लिख देते,

करते है दुआ,

सारे जहां कि खुशियाँ तुम्हारे लिए l

छोड़ दो अपने आंसू हमारे लिए ll

प्रिती उपाध्याय @

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PritiUpadhyay

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