कहते हैंं आज औरत का दिन है!
ये बताओ औरत के बिना भी क्या कोई दिन है !
लोग इल्ज़ाम लगाये फिरते हैं,
बोझ समझ कर रखतें हैं,
कमज़ोर उसे बनातें हैं,
इज़्ज़त पर हमले करतें हैं,
पहरे लगाये जातें हैं,
ज़ुल्म ढाये जातें हैं,
उसके ऊपर जिसके बिन,
ना कायनात पूरी !
ना आदमी पूरा है !!
हुमा अंसारी
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