एक घना जंगल था। बहुत सुंदर पक्षियों का बसेरा था। एक सबसे छोटा तोता था। सबसे ज्यादा बोलता रहता था, बार बार उसकी माँ उसे समझाती थी,
 कि ज्यादा बोलने से मुसीबत आ सकती है।
आप अपने कोटर में रहो हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं होता। 
पर उसने माँ की बात पर ध्यान नहीं दिया। 
एक दिन जब पूरा पेड़ खाली था सिर्फ छोटे छोटे बच्चे थे बिल्ली पेड़ का चक्कर लगा रही थी। 
एक मिनट तोते ने सोचा और फिर बिल्ली का ध्यान भटकाने के लिए जोर जोर से चिल्लाने लगा और खुद को पेड़ से गिराकर बाकी बच्चों की जान बचा ली।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉक्टर आशाश्रीवास्तव जबलपुर
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