आया हूँ याद मैं, आज सभी को।
देखकर मेरी , आज हस्ती को।।
सभी सीने से लगा रहे हैं।
देखकर मेरी, आज बस्ती को।।
आया हूँ याद मैं——————-।।
जुबां पर तारीफ है , मेरे लिए।
मोहब्बत है दिल में, मेरे लिए।।
बरसा रहे हैं फूल, मेरी राह में।
देखकर मेरे , आज नसीब को।।
आया हूँ याद मैं—————–।।
कहने लगे हैं, आज मुझको अपना।
मिला रहे हैं मुझसे, हाथ सभी अपना।।
बहा रहे हैं ऑंसू , अपनी खता पर।
देखकर मेरी , आज महफिल को।।
आया हूँ याद मैं——————।।
मिलते हैं खत मुझको, रोज उनके।
उत्साह है मिलने का , दिल में उनके।।
करते हैं दुहा, मेरी लम्बी उम्र की।
देखकर मेरी , आज खुशी को।।
आया हूँ याद मैं——————–।।
साहित्यकार एवं शिक्षक-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला-बारां(राजस्थान)
