आखिती खत में आखिरी बातें।
होती दिल की सच्ची बातें।
मानों नर के मुख से नारायण बोले।
एक एक शब्द मानों नापे-तौले।
संभाल कर रखना आखिरी खत को।
अमल में लाना उनके मत को।
आखिरी शब्द गांधी का बना नारा।
यादगार बना,प्रभाव डाला अपारा।
आखिरी खत में फरेब नहीं।
आखिरी संदेश में ऐब नहीं।
-चेतना सिंह,पूर्वी चंपारण।
